देहरादून: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला क्षेत्र के किसान परिवार से आने वाले प्रियांश सैनी ने पहले ही प्रयास में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में 614 अंक प्राप्त कर मेडिकल क्षेत्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखी है। अब उनका लक्ष्य अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में प्रवेश लेकर न्यूरोलॉजिस्ट बनना है।

प्रियांश वर्तमान में देहरादून स्थित सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (SBPS) के छात्र हैं। उनके पिता घनश्याम सैनी किसान हैं और खेती के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते हैं। तीन भाई-बहनों में शामिल प्रियांश अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के संघर्ष, प्रेरणा और शिक्षकों के मार्गदर्शन को देते हैं।
स्कूल की पढ़ाई के साथ की NEET की तैयारी
प्रियांश ने बताया कि 11वीं कक्षा में सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में प्रवेश लेने के बाद उन्होंने स्कूल के इंटीग्रेटेड एजुकेशन प्रोग्राम के तहत नियमित पढ़ाई के साथ-साथ NEET की तैयारी शुरू की। इस समन्वित अध्ययन पद्धति ने उनकी तैयारी को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया।
उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 94.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उनका कहना है कि स्कूल का सकारात्मक शैक्षणिक माहौल और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा। पहले ही प्रयास में मिली सफलता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें AIIMS में प्रवेश मिलने की उम्मीद है।
न्यूरोलॉजिस्ट बनकर करना चाहते हैं समाज की सेवा
प्रियांश का कहना है कि वह भविष्य में न्यूरोलॉजिस्ट बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं और अपने किसान पिता का सपना पूरा करना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहन भी संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
विद्यार्थियों को मिल रहा प्रतियोगी परीक्षाओं का लाभ
बलूनी ग्रुप के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी ने प्रियांश सैनी को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि संस्थान के इंटीग्रेटेड एजुकेशन सिस्टम के माध्यम से हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी NEET, JEE और NDA जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उनके सपनों को साकार करने में हरसंभव सहयोग देना है।
