रुद्रपुर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में बिना मान्यता संचालित सात निजी विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर संचालन बंद करने, आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।

उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, ये विद्यालय सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त किए बिना संचालित हो रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। अधिनियम के तहत बिना मान्यता किसी भी निजी विद्यालय का संचालन प्रतिबंधित है।
संजय नगर, खेड़ा और ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के स्कूलों पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग की कार्रवाई रुद्रपुर के संजय नगर, खेड़ा और ट्रांजिट कैंप क्षेत्रों में संचालित सात निजी विद्यालयों पर की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने सहित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों के बाद हुई जांच
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विभाग को लंबे समय से बिना मान्यता संचालित विद्यालयों की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान शिकायतें प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद सात विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेखों और स्पष्टीकरण की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना मान्यता वाले स्कूलों पर सख्त रुख
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में बिना मान्यता और बिना पंजीकरण किसी भी विद्यालय का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई संस्थान नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित पाया गया, तो उसके खिलाफ आर्थिक दंड के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अभिभावकों से की अपील
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों का प्रवेश किसी भी निजी विद्यालय में कराने से पहले उसकी मान्यता और पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करें। विभाग का कहना है कि बिना मान्यता वाले विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा, “बिना मान्यता वाले विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सात विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
