उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में गुरुवार तड़के हुए हादसे में एक श्रमिक की जान चली गई। टनल के भीतर शॉटक्रीट (कंक्रीट) लाइनिंग का हिस्सा अचानक ढहने से 21 वर्षीय श्रमिक उसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक झारखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

उत्तराखंड सिलक्यारा टनल हादसा: 17 दिन चले रेस्क्यू में मौत को दी थी मात, पूरे देश ने देखा था फंसे मजदूरों की हिम्मत और हौसला

रात दो बजे के करीब हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा बड़कोट साइड से करीब 900 मीटर अंदर रात लगभग दो बजे हुआ। उस समय सुरंग के भीतर नियमित निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान शॉटक्रीट लाइनिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिससे वहां कार्यरत श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया।

मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही बड़कोट पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

बड़कोट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उसके साथ काम करने वाले अन्य श्रमिकों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

तकनीकी जांच में जुटी NHIDCL

घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि लाइनिंग गिरने के पीछे तकनीकी खामी, निर्माण प्रक्रिया में कमी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दिए निर्देश

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी बड़कोट को मौके पर भेजकर विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने अधिकारियों को टनल में लागू सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने, दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच करने और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतक के परिवार को नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

पहले भी चर्चा में रह चुकी है सिलक्यारा टनल

सिलक्यारा टनल नवंबर 2023 में हुए बड़े हादसे के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही थी। उस समय टनल का एक हिस्सा ढहने से 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। करीब 17 दिनों तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ताजा हादसे के बाद निर्माणाधीन टनल में सुरक्षा मानकों को लेकर फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई हैं।

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