देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे यशवर्धन को कथित धोखाधड़ी के एक मामले में देहरादून पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह खुद को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताकर डॉक्टरों और अन्य लोगों का विश्वास जीतता था और विभिन्न बहानों से उनसे ठगी करता था। पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

फर्जी पहचान बनाकर लोगों को बनाता था निशाना
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी खुद को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बताकर डॉक्टरों और अन्य लोगों से संपर्क करता था। प्रभावशाली पद का दावा कर वह पहले भरोसा कायम करता और फिर निवेश, सरकारी काम कराने या अन्य लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे रुपये लेने का प्रयास करता था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पर कई लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की शिकायत मिलने पर देहरादून के राजपुर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच और सर्विलांस के दौरान आरोपी की लोकेशन दिल्ली में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाई पुलिस
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद उसे देहरादून लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ राजपुर थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
