पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की 21 वर्षीय मुक्केबाज आरती धारियाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के नाम एक और स्वर्णिम उपलब्धि दर्ज कराई है। रोमानिया में आयोजित प्रतिष्ठित इंटरनेशनल गोल्डन बेल्ट बॉक्सिंग टूर्नामेंट के 54 किलोग्राम भार वर्ग में आरती ने मेजबान देश की मुक्केबाज कार्ला लौरा को दूसरे राउंड में आरएससी (Referee Stopped Contest) के जरिए हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

दूसरे राउंड में ही किया मुकाबला खत्म
12 जुलाई 2026 से रोमानिया में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में आरती ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपने तेज़ और सटीक पंचों से मेजबान खिलाड़ी कार्ला लौरा पर दबाव बनाया, जिसके चलते रेफरी ने दूसरे राउंड में मुकाबला रोकते हुए आरती को विजेता घोषित कर दिया।
लगातार चमक रहा है पिथौरागढ़ की बेटियों का दम
पिथौरागढ़ की महिला मुक्केबाज इन दिनों अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार देश का गौरव बढ़ा रही हैं। हाल ही में 15 जुलाई को इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जिले की मुक्केबाज निकिता चंद और काजल फर्स्वाण ने भारत के लिए रजत पदक जीते थे। अब आरती धारियाल के स्वर्ण पदक ने जिले को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई है।
वर्षों की मेहनत का मिला फल
स्वर्ण पदक जीतने के बाद आरती धारियाल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार मिले सहयोग का परिणाम है। उन्होंने अपने कोच, परिवार, मित्रों, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और विदेशी कोच सैंटियागो नीवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्थन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
गौरीहाट गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
आरती धारियाल पिथौरागढ़ जिले के मूनाकोट ब्लॉक स्थित गौरीहाट गांव की निवासी हैं। वर्तमान में वह पटियाला स्थित एलिट सीनियर बॉक्सिंग कैंप में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत पिथौरागढ़ के स्मॉल खेलो इंडिया बॉक्सिंग सेंटर से की, जहां बॉक्सिंग कोच निखिल महर के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा।
खेल विभाग ने जताया गर्व
जिला क्रीड़ा अधिकारी अनूप बिष्ट ने आरती की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ की महिला खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और अब आरती धारियाल द्वारा जीते गए तीन अंतरराष्ट्रीय पदक उत्तराखंड के खेल इतिहास के लिए गर्व का विषय हैं और प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक हैं।
बधाइयों का लगा तांता
आरती धारियाल की इस ऐतिहासिक सफलता पर जिला युवा कल्याण अधिकारी जगदीश नेगी, उप क्रीड़ाधिकारी प्रताप सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जगत सिंह महरा, बॉक्सिंग कोच निखिल महर, उत्तराखंड ओलंपिक संघ, बॉक्सिंग संघ, प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे पिथौरागढ़ और उत्तराखंड में खुशी का माहौल है।
आरती धारियाल का यह स्वर्ण पदक न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह उत्तराखंड की उभरती खेल प्रतिभाओं और भारतीय महिला मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक है।
