देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने एक निजी होटल में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में हिस्सा लिया। शाम को रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से संवाद किया।

पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित तौर पर तय रकम देकर हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास पैसा है तो पेपर लीक गिरोह परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध करा देते हैं, जबकि ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
‘सरकारी नौकरी ही विकल्प बची, लेकिन भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित’
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं। उनके अनुसार, विनिर्माण, उद्यमिता, निजी क्षेत्र और कॉर्पोरेट सेक्टर में अवसर कम होने के कारण सरकारी नौकरी युवाओं के लिए सबसे बड़ा विकल्प बन गई है। लेकिन भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने इस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली की वकालत
राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करते हुए कहा कि देश में पूरी तरह छात्र-केंद्रित और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करने, परीक्षा प्रक्रिया में रैंडमाइजेशन लागू करने और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाना चाहिए तथा कुलपतियों सहित अन्य शैक्षणिक नियुक्तियां पारदर्शी तरीके से हों। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए, निजी कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
मंच पर भावुक हुए NEET अभ्यर्थी रिया थापा के पिता
कार्यक्रम के दौरान NEET अभ्यर्थी रिया थापा के पिता राजेश गुरुंग ने अपनी बेटी की दर्दनाक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि परीक्षा देकर लौटने के बाद रिया अपने प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित थी, लेकिन बाद में पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई।
राजेश गुरुंग ने बताया कि उनकी बेटी ने कहा था, “पापा, हमारे साथ धोखा हुआ है।” इसके बाद वह अवसाद में चली गई और अंततः उसने आत्महत्या कर ली। अपनी बेटी को याद करते हुए मंच पर राजेश गुरुंग भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।
प्रभावित छात्रों को मुआवजे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों का भविष्य इस तरह की अनियमितताओं से प्रभावित हुआ है, उनके साथ न्याय सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
‘पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली की जरूरत’
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों युवा वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत, उम्मीदों और भविष्य पर सीधा आघात करती हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मजबूत और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली विकसित करना समय की आवश्यकता है.
(नोट: पेपर लीक से जुड़े आर्थिक दावों और अन्य आरोपों को राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान रखा। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार द्वारा नहीं की गई है।)
