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महाराष्ट्र के लातूर में एक सरकारी पॉलिटेक्निक छात्रावास में भोजन करने के बाद लगभग 50 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से 30 छात्राओं को अभी भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भोजन के नमूने एकत्र कर लिए हैं, और मामले की जांच जारी है। राहत की बात यह है कि सभी छात्राएं अब खतरे से बाहर हैं। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं।

लातूर, महाराष्ट्र में पुरणमल लाहोटी शासकीय पॉलिटेक्निक के छात्रावास में रात का भोजन करने के बाद करीब 50 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई।

छात्राओं ने शाम 7 बजे चावल, चपाती, ओकरा (भिंडी) सब्जी और दाल का सूप खाया था। इसके बाद, रात करीब साढ़े आठ बजे कई छात्राओं को बेचैनी महसूस होने लगी और कुछ को उल्टियां होने लगीं। स्थिति बिगड़ते देख छात्राओं को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। 324 छात्राओं वाले इस छात्रावास में अधिकारियों ने भोजन के नमूने एकत्र कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज के प्रधानाचार्य तुरंत मौके पर पहुंचे और लातूर के विलासराव देशमुख राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. उदय मोहिते को सूचित किया।

पीड़ित छात्राओं को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की है ताकि इस घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

30 छात्राएं अब भी अस्पताल में

डॉ. उदय मोहिते ने जानकारी दी कि आधी रात तक करीब 50 छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद 20 छात्राओं को देर रात तीन बजे तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई,

जबकि 30 अन्य छात्राओं का अभी भी उपचार चल रहा है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि इनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है और सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं।

कितने छात्रा खतरे से बाहर

कॉलेज के प्रधानाचार्य वी. डी. नितनावरे ने बताया, “छात्रावास की कुछ छात्राओं की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही हम तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी पीड़ित छात्राओं को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई कि किसी भी छात्रा को कोई गंभीर खतरा न हो। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है, सभी छात्राएं सुरक्षित हैं।”

 

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