रुद्रपुर। श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ईएसआईसी अस्पताल इन दिनों गंभीर विवादों के कारण सुर्खियों में है। अस्पताल में कार्यरत संविदा नर्सों ने प्रबंधन और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए 15 जून को अचानक सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किए जाने की शिकायत की है। नर्सों के अनुसार लगभग 23 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

नोटिस मिलने के बाद प्रभावित नर्सों ने अपनी समस्याएं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के समक्ष रखीं और मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर ठुकराल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ बैठक कर उनकी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से भी वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली।
नर्सों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से अनियमितताएं जारी हैं और कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाया जाता है। उनका कहना है कि नौकरी बनाए रखने के लिए उन्हें कई बार अनुचित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन और ठेकेदार के निर्देशों के अनुसार काम करने के लिए दबाव डाला जाता है।
कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, विशेषकर रात्रि समय की रिकॉर्डिंग की जांच कराने की भी मांग की है।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रमिकों के हित में स्थापित यह संस्थान अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप कार्य करता प्रतीत नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में एक्स-रे मशीन, विशेषज्ञ चिकित्सकों और महिला डॉक्टरों जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिसके कारण मरीजों को अक्सर अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बार संसाधनों की कमी के बीच कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में मरीजों का उपचार करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने सुविधा शुल्क लेने जैसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
राजकुमार ठुकराल ने कहा कि यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह गंभीर जांच का विषय है कि कथित रूप से लिया गया धन कहां जा रहा है। उन्होंने कहा कि 15 से 16 हजार रुपये मासिक वेतन पर कार्यरत नर्सें पूरी निष्ठा से सेवाएं दे रही हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल नर्सों के आरोपों और पूर्व विधायक द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारी सेवा समाप्ति नोटिस वापस लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
