टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी जिले में परिवहन विभाग की सख्त चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। भद्रकाली चेक पोस्ट पर हरियाणा में पंजीकृत एक बस को निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों के साथ पकड़ा गया।

अधिकारियों के मुताबिक, 42 सीटों वाली बस में 60 से अधिक यात्री सवार थे। बस के अंदर की स्थिति बेहद चिंताजनक थी—यात्रियों को सीटों के अलावा गियर बॉक्स और अन्य खाली जगहों पर भी बैठाया गया था, जबकि खड़े होने तक की जगह नहीं बची थी।
चेकिंग के दौरान सामने आया यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे पहुंची ओवरलोड बस पहाड़ी क्षेत्र तक?
हरियाणा नंबर की यह बस टिहरी तक कैसे पहुंची, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। रास्ते में पड़ने वाले चेक पोस्टों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है कि इतनी ओवरलोड बस बिना रोक-टोक कैसे आगे बढ़ती रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी सड़कों पर ओवरलोड वाहन चलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इससे ब्रेक फेल, संतुलन बिगड़ने और बड़े हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
परिवहन विभाग की कार्रवाई
एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारी रश्मि पंत ने बताया कि भद्रकाली चेक पोस्ट पर टीम ने बस को रोका और जांच में ओवरलोडिंग की पुष्टि की गई। इसके बाद वाहन पर करीब ₹15,500 का चालान किया गया।
24 घंटे जारी सख्त निगरानी अभियान
परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि टिहरी जिले के ब्रह्मपुरी, भद्रकाली और सत्य नारायण मंदिर के पास स्थित चेक पोस्टों पर 24 घंटे सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ग्रीन कार्ड, वाहन फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ ओवरलोडिंग पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
