देहरादून। उत्तराखंड में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 25 सितंबर से 7 अक्तूबर तक ‘सेवा सेतु, सरकार आपके द्वार’ शिविर आयोजित किए जाएंगे। अभियान को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
शनिवार को सचिवालय में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को शिविरों के आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

ब्लॉक और तहसील स्तर पर लगेंगे शिविर
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ विभिन्न विभागों की ओर से बहुउद्देशीय कैंप लगाए जाएंगे।
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों के स्टॉल और प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
पात्र लोगों को मौके पर दिलाया जाएगा योजनाओं का लाभ
शिविरों में पात्र लाभार्थियों की पहचान और चयन किया जाएगा, ताकि उन्हें संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में मेडिकल कैंप भी आयोजित किए जाएंगे।
मंत्री ने अधिकारियों को ट्री प्रोटेक्शन एक्ट और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मामलों को लेकर भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
बैठक में सभी जिलाधिकारियों को शिविरों की तिथि, स्थान, नोडल अधिकारी, योजनाओं और विभागीय उपलब्धियों समेत विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने कहा कि शिविर ऐसे स्थानों पर आयोजित किए जाएं जहां पहले ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जैसे कार्यक्रम नहीं हुए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
कम से कम तीन दिन चलेगा प्रत्येक शिविर
राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला ने बताया कि अभियान के तहत आयोजित होने वाला प्रत्येक शिविर कम से कम तीन दिन तक संचालित किया जाएगा।
अभियान के दौरान सरकार की योजनाओं और सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
