देहरादून: उत्तराखंड में MBBS दाखिलों के दौरान फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले सामने आने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग प्रक्रिया में निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। आगामी काउंसलिंग में अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

प्रस्ताव के तहत एक प्रशासनिक अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जा सकता है। नोडल अधिकारी दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में मौजूद रहेंगे और संदिग्ध या आपत्तिजनक प्रमाण-पत्रों की जांच में अतिरिक्त निगरानी की भूमिका निभा सकते हैं।
तीसरे चरण की काउंसलिंग से पहले बढ़ी सतर्कता
राज्य में MBBS सीटों पर दाखिले के लिए दो चरणों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। अब तीसरे चरण की काउंसलिंग प्रस्तावित है। इसी बीच दस्तावेजों की प्रामाणिकता से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी की है।
विभाग की प्राथमिकता अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के साथ-साथ आरक्षण और विशेष कोटे के तहत दाखिले के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच को मजबूत करना है।
प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे नोडल अधिकारी
मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में काउंसलिंग प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के मुताबिक, दस्तावेज सत्यापन के लिए प्रशासनिक अधिकारी को नोडल अधिकारी के तौर पर नामित करने का प्रस्ताव प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने पर प्रमाण-पत्रों की जांच केवल संबंधित संस्थान के स्तर तक सीमित न रहकर अतिरिक्त प्रशासनिक निगरानी में भी की जा सकेगी।
फर्जी दस्तावेजों के मामलों के बाद जांच का दायरा बढ़ा
देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत MBBS दाखिले के लिए इस्तेमाल किए गए प्रमाण-पत्रों की प्रामाणिकता पर सवाल उठने के बाद जांच की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मामले में तीन प्रमाण-पत्रों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई भी सामने आई।
इसके बाद संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों की जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
हालांकि, किसी प्रमाण-पत्र या अभ्यर्थी की स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी की आधिकारिक कार्रवाई के आधार पर ही तय होगा।
करीब एक हजार MBBS सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया
उत्तराखंड में करीब एक हजार MBBS सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। दो चरण पूरे होने के बाद तीसरे चरण की काउंसलिंग को लेकर विभाग दस्तावेज सत्यापन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
इस चरण में शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रमाण-पत्रों के अलावा आरक्षण, कोटा और अन्य विशेष श्रेणियों का लाभ लेने के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
सत्यापन प्रक्रिया में जुड़ेगा अतिरिक्त निगरानी तंत्र
प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी से दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में एक अतिरिक्त निगरानी स्तर जुड़ सकता है। विशेष रूप से आरक्षण और अन्य कोटा श्रेणियों से जुड़े प्रमाण-पत्रों की जांच में प्रशासनिक स्तर की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव को प्रशासन के समक्ष रखेगा। आगामी MBBS काउंसलिंग में यह व्यवस्था किस स्तर तक लागू होगी, यह प्रशासनिक निर्णय के बाद स्पष्ट होगा।
