वाशिंगटन: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। बुधवार को व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप की एक तस्वीर साझा की, जिसके साथ संदेश लिखा था- ‘कभी आत्मसमर्पण मत करो’। चुनावी नतीजों के बाद आए इस संदेश को राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रंप प्रशासन की नीतियों, खासकर ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी बढ़त मिलने के बाद रिपब्लिकन पार्टी को राजनीतिक झटका लगा है। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क के अनुमानों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स कांग्रेस के दोनों सदनों में दोबारा नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। इस बीच ट्रंप ने भी स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध का असर रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा है।
बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस आकलन से सहमति जताई, जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध को चुनावी हार की एक बड़ी वजह बताया था। ट्रंप ने कहा कि इस संघर्ष के कारण कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसका असर मतदाताओं के समर्थन पर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई को जरूरी बताते हुए उसका बचाव भी किया।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह आकलन काफी हद तक सही है, क्योंकि इससे थोड़े समय के लिए गैसोलीन की कीमतें बढ़ीं। लेकिन अगर मुझे दोबारा ऐसा करना पड़े, तो मैं फिर यही करूंगा। लंबे समय में यही एकमात्र रास्ता है। ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”
‘अगर मैं बैलेट पर होता तो हम जीत जाते’: ट्रंप
चुनावी हार के बाद ट्रंप ने अपनी लोकप्रियता और रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रदर्शन को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता पार्टी के अन्य उम्मीदवारों के पक्ष में वोटों में तब्दील नहीं हो सकी। ट्रंप के मुताबिक, उनकी चुनावी रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ और समर्थकों का उत्साह दूसरे उम्मीदवारों तक नहीं पहुंच पाया।
उन्होंने कहा, “अगर मैं बैलेट पर होता, तो हम जीत जाते। आपने देखा कि मेरी रैलियों में हजारों-हजारों लोग मौजूद थे। वहां जबरदस्त उत्साह था, लेकिन आप उस प्यार और समर्थन को दूसरों तक नहीं पहुंचा सकते।”
ट्रंप ने मतदाताओं की नाराजगी के पीछे ईरान युद्ध के बजाय ईंधन की बढ़ती कीमतों को प्रमुख वजह बताया। साथ ही उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति दोबारा शुरू होने का भी जिक्र किया।
जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को बताया हार की बड़ी वजह
वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी के खराब चुनावी प्रदर्शन के लिए ईरान युद्ध को प्रमुख कारणों में शामिल किया था। उन्होंने आंतरिक चुनावी सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए बताया कि मतदाताओं के बीच युद्ध, महंगाई, ट्रंप प्रशासन के ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे और इजरायल के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर चिंताएं थीं।
मिडटर्म चुनावों में मिली हार के बाद ट्रंप प्रशासन के सामने अब अपनी नीतियों और राजनीतिक रणनीति को लेकर नए सिरे से समीक्षा करने की चुनौती है। ऐसे में व्हाइट हाउस की ओर से साझा किया गया ‘कभी आत्मसमर्पण मत करो’ का संदेश भी चर्चा का विषय बन गया है।


