देहरादून/पौड़ी गढ़वाल: देश की सुरक्षा में तैनात उत्तराखंड के दो वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। मणिपुर के उखरुल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए घातक हमले में पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह और अल्मोड़ा निवासी वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह शहीद हो गए। इस दुखद घटना से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:50 बजे 40 असम राइफल्स का काफिला ड्यूटी पूरी कर शांगशाक स्थित बटालियन मुख्यालय लौट रहा था। इसी दौरान उखरुल जिले के नुंगशांग कोंग क्षेत्र के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने आईईडी विस्फोट कर अत्याधुनिक हथियारों से हमला कर दिया। हमले में दोनों जवान वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि कई अन्य जवान घायल हो गए। घटना के बाद सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने संयुक्त सर्च अभियान शुरू कर दिया है।

शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह की शहादत ने उनके परिवार के दुख को और गहरा कर दिया है। उनके पिता गोविंद सिंह का हाल ही में निधन हो गया था। पारिवारिक क्रियाकर्म पूरा करने के बाद वह 3 जुलाई को दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे और कुछ ही दिनों बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

मणिपुर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर सेना को सौंप दिए गए हैं। सैन्य हेलिकॉप्टर के माध्यम से उनके पार्थिव शरीर उत्तराखंड लाए जा रहे हैं। दोनों वीर सपूतों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांवों में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।

हमले की मणिपुर सरकार ने कड़ी निंदा की है। राज्य के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने कहा कि इस कायराना हमले के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

उत्तराखंड लंबे समय से भारतीय सशस्त्र बलों में अपने योगदान और वीर सैनिकों के लिए जाना जाता है। पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा के इन दो जवानों की शहादत ने एक बार फिर देवभूमि को गर्व के साथ-साथ गहरे शोक से भी भर दिया है। प्रदेशभर में लोगों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों द्वारा दोनों वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

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