उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद करीब 20 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद खत्म हो गया। लंबी वार्ता और प्रशासनिक स्तर पर बनी सहमति के बाद रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए दोनों राजस्व कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया। इसके बाद आंदोलनकारी कर्मचारियों ने तहसील के मुख्य गेट पर लगाया गया ताला खोल दिया और धरना-प्रदर्शन समाप्त कर नियमित कामकाज शुरू कर दिया।
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14 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए हुई थी गिरफ्तारी
पूरा मामला 29 जुलाई का है, जब विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील में छापेमारी कर वरिष्ठ सहायक और संग्रह अमीन को 14 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद राजस्व कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने इसे विभागीय प्रक्रिया के विपरीत बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मुख्य गेट पर ताला, रातभर अंदर फंसी रही विजिलेंस टीम
विरोध कर रहे कर्मचारियों ने तहसील कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। इससे विजिलेंस टीम पूरी रात तहसील परिसर के भीतर ही फंसी रही। कर्मचारियों ने तत्काल प्रभाव से कार्य बहिष्कार का ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ गया।

20 घंटे तक ठप रही राजस्व सेवाएं
धरने के चलते तहसील का पूरा कामकाज करीब 20 घंटे तक प्रभावित रहा। नामांतरण, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल सहित अन्य राजस्व सेवाएं बंद रहीं। दूर-दराज से अपने जरूरी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कई दौर की वार्ता के बाद निकला समाधान
गतिरोध समाप्त कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच देर रात से गुरुवार तक लगातार कई दौर की बातचीत हुई। अंततः उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। सहमति के तहत विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों को रिहा कर दिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया और तहसील का मुख्य गेट खोल दिया।

सामान्य हुआ कामकाज, लोगों ने ली राहत की सांस
धरना समाप्त होने के बाद सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में लौटे और नियमित कार्य शुरू हो गया। करीब 20 घंटे बाद तहसील में सामान्य व्यवस्था बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
सितारगंज के एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि सभी पक्षों के साथ सकारात्मक वार्ता के बाद विवाद का समाधान निकाल लिया गया है और तहसील में अब सभी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
हालांकि कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कर्मचारियों के हितों की अनदेखी हुई या इसी तरह की कार्रवाई दोहराई गई तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, विजिलेंस की इस कार्रवाई और उसके बाद हुए घटनाक्रम ने पूरे प्रदेश में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
