ऊधम सिंह नगर: किच्छा नगरवासियों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुविधा जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हल्द्वानी रोड पर निर्माणाधीन सैटेलाइट एम्स में अगस्त के अंत तक ओपीडी का ट्रायल शुरू किए जाने की तैयारी है। वहीं, सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मुख्य अस्पताल भवन को पूरी तरह संचालित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
निर्माणाधीन एम्स भवन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिलें होंगी। डॉक्टरों के लिए आवासीय परिसर भी तैयार किया जा चुका है। मुख्य भवन में कुछ कार्य अभी बाकी हैं, जिन्हें जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरण में ओपीडी का ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद सितंबर के अंतिम दिनों में अस्पताल की सेवाओं को पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। अस्पताल में मरीजों के लिए कुल 280 बेड की व्यवस्था होगी, जबकि आपातकालीन सेवाओं के लिए 13 बेड उपलब्ध रहेंगे। अस्पताल में विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
कुमाऊं के साथ यूपी और नेपाल के मरीजों को भी लाभ
सैटेलाइट एम्स के शुरू होने से कुमाऊं के पर्वतीय जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों के मरीज भी इसका लाभ उठा सकेंगे। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नेपाल से आने वाले मरीजों के लिए भी यह अस्पताल महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
एम्स के आसपास बढ़ी जमीन की मांग
एम्स के निर्माण के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में जमीन और प्रॉपर्टी की गतिविधियां भी तेज हुई हैं। किशनपुर, बंडिया और खुरपिया क्षेत्र में जमीनों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। आदित्य चौक से एम्स तक के क्षेत्र में प्रॉपर्टी कारोबारियों की सक्रियता बढ़ी है।
परिवहन सुविधाएं भी अनुकूल
सैटेलाइट एम्स की लोकेशन को भी सुविधाजनक माना जा रहा है। बाहर से आने वाले मरीजों के लिए रोडवेज बस अड्डा अस्पताल के समीप है। रेलवे स्टेशन की दूरी भी करीब डेढ़ किलोमीटर बताई जा रही है। ऐसे में अस्पताल शुरू होने के बाद क्षेत्र में होटल, मेडिकल स्टोर, ढाबे और अन्य खानपान एवं व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है।
कुल मिलाकर, सैटेलाइट एम्स के शुरू होने से किच्छा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
