रुद्रपुर: शहर के बीचोंबीच बहने वाली कल्याणी नदी के दोनों किनारों पर वर्षों से बने अतिक्रमण को हटाने की दिशा में नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। निगम के अनुसार, नदी की सरकारी भूमि पर करीब 1500 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। नोटिस जारी करने और निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर अब प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में है।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, नदी किनारे बसे लोगों को पहले सर्वे के आधार पर चिह्नित किया गया था। इसके बाद सभी कब्जाधारियों को 15 दिन के भीतर स्थान खाली करने के नोटिस जारी किए गए। हालांकि, नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद भी किसी ने स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया और न ही स्वामित्व के समर्थन में कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत किए।

नगर निगम का कहना है कि कल्याणी नदी की भूमि सरकारी संपत्ति है और बाढ़ के दौरान यह इलाका सबसे अधिक प्रभावित होता है। इसके बावजूद नदी किनारे पक्के और कच्चे मकानों का निर्माण कर आवास बनाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है और घरेलू गंदगी व सीवेज के कारण जल प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है।

नमामि गंगे योजना के तहत होगा नदी का पुनर्जीवन

नगर निगम कल्याणी नदी के संरक्षण और सफाई के लिए नमामि गंगे योजना के तहत व्यापक परियोजना पर काम कर रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग के माध्यम से लगभग 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

योजना के तहत घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सीधे नदी में जाने से रोकने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सीवेज के उपचार (ट्रीटमेंट) के बाद ही पानी को नदी में छोड़ा जाएगा, जिससे जल प्रदूषण कम किया जा सके और नदी का पर्यावरणीय संतुलन बहाल हो।

नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने बताया कि नगर निगम शहर में कई विकास परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कल्याणी नदी की सफाई के लिए नमामि गंगे योजना के तहत प्रस्ताव भेजा जा चुका है और नदी किनारे अतिक्रमण करने वालों को हटाने की तैयारी चल रही है। उनके अनुसार, पहले ही करीब 1500 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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