हरिद्वार: कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत धर्मनगरी हरिद्वार में सड़क और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम तेज कर दिया गया है। शहर के मार्गों के सुधारीकरण के दूसरे चरण में सिंहद्वार से दर्शनानंद द्वार तक फुटपाथ निर्माण के साथ पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा धर्मनगरी के प्रमुख प्रवेश और बाजार क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जाएगी।

फिलहाल मार्ग सुधारीकरण के पहले चरण में देवपुरा से चंद्राचार्य चौक तक सड़क और अन्य निर्माण कार्य पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी तर्ज पर कुंभ मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है।
प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भी लगेंगे सौर प्रकाश
परियोजना के तहत मां चंडी देवी बाजार क्षेत्र के पाथवे नंबर एक में भी प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं मां मनसा देवी बाजार क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा आधारित लाइटें स्थापित की जाएंगी। मेला प्रशासन के अनुसार, परियोजना में सौर प्रकाश की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का कार्य शामिल है।
सिंहद्वार से दर्शनानंद द्वार तक के मुख्य मार्ग पर वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित पथ प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से रोशनी उपलब्ध होती है। अब इस मार्ग को अतिरिक्त और बेहतर प्रकाश व्यवस्था से जोड़ने की योजना है, ताकि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिल सके।
सुरक्षा और सुविधा पर रहेगा जोर
कुंभ मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन सड़क, फुटपाथ और प्रकाश व्यवस्था को महत्वपूर्ण मान रहा है। पर्याप्त रोशनी से रात के समय श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन को बेहतर और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इससे ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के साथ ही पारंपरिक बिजली व्यवस्था पर निर्भरता को भी कम करने में मदद मिलेगी।
17 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
मेला प्रशासन की ओर से परियोजना को 17 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में सौर प्रकाश व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में सड़क सुधार, फुटपाथ निर्माण और प्रकाश व्यवस्था को अहम हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ हरिद्वार को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।
– सोनिका, मेलाधिकारी, कुंभ मेला हरिद्वार

