
दरअसल, पिछले साल दिसंबर में अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कई दावे किए थे। इस दौरान उनके कुछ वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कथित वीआईपी का जिक्र होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई थी। इस प्रकरण में उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ बहादराबाद, झबरेड़ा और देहरादून में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
वहीं, वर्ष 2024 में पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने उर्मिला सनावर के खिलाफ ब्लैकमेलिंग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पिछले साल मार्च में पूर्व विधायक की बेटी ने भी ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
सीबीआई जांच के आदेश के बाद बढ़ी थी हलचल
कथित वीआईपी से जुड़े वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद प्रदेशभर में उसकी पहचान उजागर करने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने-प्रदर्शन हुए थे। मामले को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद से सीबीआई मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
नई प्राथमिकी के बाद पुलिस ने उर्मिला सनावर को किया गिरफ्तार
इधर, शनिवार रात रानीपुर कोतवाली में उर्मिला सनावर के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद रविवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी प्राथमिकी से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी जुटाने के लिए सीबीआई की टीम बुधवार को कोतवाली पहुंची थी।
टीम ने प्राथमिकी सहित अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। करीब एक घंटे की पड़ताल के बाद सीबीआई की टीम वापस लौट गई। मामले में जांच जारी है।

