रुद्रपुर: चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब पुलिस अभिरक्षा में मौजूद दो आरोपियों ने क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के बाद वापस लौटते समय भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्काल पीछा कर दोनों आरोपियों को दोबारा पकड़ लिया। इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद लोगों का आक्रोश भी फूट पड़ा और भीड़ ने आरोपियों के साथ मारपीट कर दी। बाद में पुलिस ने अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को सुरक्षित कोतवाली पहुंचाया।

इस पूरी घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और अभिरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान हुआ घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच के तहत पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपियों को वापस कोतवाली ला रही थी। इसी दौरान रास्ते में मौजूद भीड़ का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने पुलिस की पकड़ से निकलकर भागने की कोशिश की।

पुलिसकर्मियों ने तुरंत पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों आरोपियों को दोबारा हिरासत में ले लिया।

आरोपियों को देखते ही भड़की भीड़

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही आरोपी दोबारा पुलिस के कब्जे में आए, मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। बड़ी संख्या में लोगों ने आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। भीड़ आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रही थी। कुछ लोगों ने आरोपियों पर लात-घूंसों से भी हमला किया, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई।

पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर संभाले हालात

भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में पहले मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया और आरोपियों को सुरक्षित पुलिस वाहन तक पहुंचाया।

कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को बाद में कोतवाली ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप नहीं करती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद पुलिस की अभिरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस हिरासत में होने के बावजूद आरोपियों का भागने का प्रयास करना और उसके बाद भीड़ का उनके करीब पहुंच जाना सुरक्षा में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी पुलिस की पकड़ से किस परिस्थिति में बाहर निकले और उन्हें रोकने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए गए। इसी तरह भीड़ आरोपियों तक कैसे पहुंची, इसे लेकर भी पुलिस ने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।

अभी तक नहीं आया पुलिस का आधिकारिक बयान

उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पुलिस ने भी फरारी के प्रयास, भीड़ की मारपीट और बल प्रयोग को लेकर कोई औपचारिक जानकारी जारी नहीं की है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। वहीं, सामूहिक दुष्कर्म मामले की विवेचना और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नियमानुसार जारी है।


क्या है पूरा मामला?

रुद्रपुर के सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत एक युवती ने 25 जुलाई को तीन युवकों पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार, वह अपनी सहेली और दो परिचित युवकों के साथ भूरारानी रोड पर गई थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे और कथित तौर पर चारों को जबरन अपने साथ ले जाने लगे।

पीड़िता के आरोप के मुताबिक, रास्ते में एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर भागने में सफल हो गए, जबकि दूसरी युवती और एक युवक आरोपियों के कब्जे में रह गए। आरोप है कि बाद में युवक को रास्ते में छोड़ दिया गया, जबकि युवती को गदरपुर क्षेत्र ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पूरी रात अपने कब्जे में रखने के बाद रविवार सुबह आरोपियों ने उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद 27-28 जुलाई की रात पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य दो आरोपियों को मंगलवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए ले जाया गया। इसी कार्रवाई से लौटते समय दोनों आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम सामने आया।

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