ज्योतिर्मठ (चमोली)। औली के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में भारत और अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त युद्ध अभ्यास जारी है। अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन और भारतीय सेना की गढ़वाल रेजिमेंट के जवान जंगल युद्ध, इनडोर फायरिंग और रॉक-फेस रैपेलिंग का संयुक्त प्रशिक्षण ले रहे हैं।

India US Army Exercise Yudh Abhyas 2026 Indian and American Soldiers Train in Jungle Warfare in Auli Chamoli

घने जंगलों में नेविगेशन और लक्ष्य भेदने का अभ्यास

अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने संयुक्त टुकड़ियों के रूप में औली के घने जंगलों में नेविगेशन किया। इसके साथ ही सिमुलेशन राउंड के जरिए निर्धारित लक्ष्यों को भेदने का अभ्यास भी किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों ने एक-दूसरे की रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं को समझा। संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न परिस्थितियों में दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और पारस्परिक संचालन क्षमता को मजबूत करना है।

इनडोर शूटिंग रेंज में AK-203 से फायरिंग

सैनिकों ने औली स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड (FTN) की हाल ही में शुरू की गई इनडोर शूटिंग रेंज में भी प्रशिक्षण लिया। यहां जवानों ने भारत में निर्मित AK-203 असॉल्ट राइफल से व्यावहारिक फायरिंग का अभ्यास किया।

इस दौरान दोनों सेनाओं के जवानों को हथियार संचालन और फायरिंग से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर मिला।

चट्टानों पर रैपेलिंग से पर्वतीय कौशल का अभ्यास

संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों ने रॉक-फेस रैपेलिंग का अभ्यास भी किया। खड़ी चट्टान से नीचे उतरने की इस गतिविधि के जरिए जवानों ने ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में अभियानों के लिए जरूरी पर्वतीय युद्ध कौशल को निखारा।

औली के जंगलों, फायरिंग रेंज और खड़ी चट्टानों में हो रहा यह संयुक्त प्रशिक्षण दोनों सेनाओं के जवानों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली समझने और साथ मिलकर संचालन का व्यावहारिक अनुभव दे रहा है। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका सेनाओं के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता और आपसी तालमेल को मजबूत करना है।

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