नई दिल्ली।

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की अपील की है।

मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यदि राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के उपयोग में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो इसकी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।

Supriya Shrinate PC Ayodhya

पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में दान राशि से जुड़े विवाद पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराएं।

राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर लगाए आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में केंद्र सरकार द्वारा गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। पार्टी का दावा है कि यदि कथित अनियमितताओं के आरोप सही साबित होते हैं तो ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। कांग्रेस ने जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी मांग की।

विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत अन्य नेताओं को राम मंदिर जाने से पहले कथित रूप से नजरबंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का आरोप है कि सरकार इस मामले पर उठ रहे सवालों को दबाने का प्रयास कर रही है।

एसआईटी रिपोर्ट और स्वतंत्र ऑडिट की मांग

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने अब तक राम मंदिर को प्राप्त सभी दान राशि का स्वतंत्र ऑडिट कराने और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।

सरकार और ट्रस्ट की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब

समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोप अभी राजनीतिक बयानबाजी और जांच की मांग के स्तर पर हैं। इनकी पुष्टि किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट या न्यायिक निष्कर्ष से नहीं हुई है।

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