नई दिल्ली, 21 जून 2026। राजधानी दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के ऑडिटोरियम में ‘अराईं अकैडमी ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना और उसके लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से एक भव्य इजलास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए अराईं बिरादरी के प्रतिष्ठित नागरिकों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, पेशेवरों और सामुदायिक नेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत शाज़ैब मिस्बाही मलिक द्वारा कुरआन-ए-मजीद की तिलावत से हुई। इसके बाद हरियाली एनजीओ के अध्यक्ष एवं अकैडमी के संरक्षक मोहम्मद यूसुफ़ ने मंच संचालन करते हुए शिक्षा को समाज की तरक्की की बुनियाद बताया और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

अकैडमी के अध्यक्ष एवं पूर्व पासपोर्ट अधिकारी मोहम्मद नसीम अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक दौर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी ज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित अकैडमी का उद्देश्य एक ऐसा उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान स्थापित करना है, जो समुदाय की शैक्षिक, सामाजिक और बौद्धिक उन्नति का केंद्र बने।

कार्यक्रम में चीफ पैट्रन एवं पूर्व सीनियर काउंसिल (ओएनजीसी) मोहम्मद नसीम ने दिल्ली चैप्टर की सराहना करते हुए समुदाय से इस महत्वाकांक्षी परियोजना में बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रोफेसर मोहम्मद असद मलिक ने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत प्रबंधन आवश्यक है।

अकैडमी ऑफ अराईं स्टडीज़ एंड रिसर्च सोसाइटी के संस्थापक सदस्य डॉ. शहनवाज़ अहमद मलिक ने अकैडमी की स्थापना के उद्देश्यों और एक साझा शैक्षणिक मंच तैयार करने के विज़न को विस्तार से प्रस्तुत किया। वहीं, जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद आज़म ने प्रस्तावित स्कूल की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पेश करते हुए भूमि, बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक मॉडल और फंडिंग योजना की विस्तृत जानकारी साझा की।

मुख्य अतिथि उत्तराखंड हज कमेटी के चेयरमैन ख़तीब अहमद ने इस पहल को समाज के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक एकता और सामुदायिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे। महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, उनकी पेशेवर भागीदारी सुनिश्चित करने तथा युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष कोचिंग सेंटर स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर अकैडमी की वित्तीय रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई और समुदाय से आर्थिक सहयोग का आह्वान किया गया। कई सदस्यों ने मौके पर ही आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर इस अभियान को मजबूती प्रदान की।

इजलास के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। 10वीं और 12वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि उच्च शिक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को भी विशेष सम्मान दिया गया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र का संचालन इंजीनियर सबा परवीन ने किया। आयोजन की सफलता का श्रेय दिल्ली चैप्टर और आयोजन समिति को दिया गया, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समापन अवसर पर शीराज़ मलिक ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयास समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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