उत्तराखंड सरकार ने करवा चौथ के अवसर पर गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस फैसले से प्रदेश में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिला कर्मचारियों को त्योहार की तैयारियों, पूजा और पारिवारिक परंपराओं के लिए समय मिल सकेगा।

करवा चौथ हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह से निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा के दर्शन करने तथा पूजा-अर्चना के बाद व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ को लेकर घरों में उत्साह का माहौल रहता है। महिलाएं पूजा की तैयारियां करती हैं, पारंपरिक कपड़े पहनती हैं और शृंगार करती हैं। शाम को चंद्रमा निकलने के बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ व्रत का पारण किया जाता है।
सरकार की ओर से घोषित सार्वजनिक अवकाश से महिला कर्मचारियों को त्योहार की तैयारियों और पूजा-अर्चना के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। इससे वे अपने कामकाजी दायित्वों के साथ-साथ त्योहार से जुड़ी परंपराओं को भी निभा सकेंगी।

