बाजपुर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में नशा मुक्ति केंद्र की टीम पर हुए हमले में एक सुपरवाइजर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दिल्ली स्थित एक रिहैबिलिटेशन सेंटर की टीम परिजनों की शिकायत पर एक युवक को नशा मुक्ति केंद्र ले जाने के लिए उसके घर पहुंची थी। इसी दौरान विवाद हो गया और युवक ने कथित रूप से धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुपरवाइजर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।

फाइल फोटो सरबजीत सिंह। स्वजन

युवक को लेने पहुंची थी रिहैबिलिटेशन सेंटर की टीम

पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली स्थित संबंध समिति रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनजीओ) की टीम बुधवार रात करीब 11 बजे बाजपुर के वार्ड नंबर-5, मुड़िया पिस्तौर निवासी यशदीप सिंह संधू को नशा मुक्ति केंद्र ले जाने उसके घर पहुंची थी। बताया गया कि युवक के परिजनों ने उसकी नशे की लत को लेकर सेंटर से संपर्क किया था।

घर पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने तलवार से टीम पर हमला कर दिया।

अस्पताल में तोड़ा दम

हमले में टीम के 53 वर्षीय सुपरवाइजर सरबजीत सिंह, निवासी कालकाजी, नई दिल्ली, गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले बाजपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर रेफर कर दिया गया। काशीपुर के कृष्णा अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली बाजपुर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी से पूछताछ जारी

मृतक के भाई सुखमिंदर सिंह की तहरीर पर बाजपुर कोतवाली में एफआईआर संख्या 247/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी यशदीप सिंह संधू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पांच वर्षों से निभा रहे थे जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार, सरबजीत सिंह पिछले पांच-छह वर्षों से संबंध समिति रिहैबिलिटेशन सेंटर, नई दिल्ली में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पुत्र सुखजीत सिंह हैं। घटना के बाद मृतक के परिजन और संस्था के अन्य सदस्य दिल्ली से बाजपुर पहुंच गए।

पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

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