हरिद्वार: हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने देर रात मेला अस्पताल और महिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। डीएम के औचक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेला अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति के बारे में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से जानकारी ली। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवाइयों और भोजन व्यवस्था को लेकर फीडबैक प्राप्त किया। मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर इलाज और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है तथा किसी प्रकार की परेशानी नहीं है।
डीएम ने अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, पेयजल सुविधा और प्रकाश व्यवस्था की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीसीटीवी कैमरे सुचारु रूप से संचालित रहें, खराब लाइटों को तत्काल बदला जाए और पेयजल व वाटर कूलर की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
साथ ही उन्होंने भर्ती मरीजों को दी जा रही बेडशीट और कंबलों की नियमित धुलाई सुनिश्चित करने को कहा। सीएमएस को निर्देश दिए गए कि मरीजों को स्वच्छ कंबल उपलब्ध कराए जाएं और आवश्यकता पड़ने पर नए कंबल खरीदे जाएं।

इसके बाद डीएम महिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सभी वार्डों और लेबर रूम का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने जानकारी दी कि दो महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती हैं और उनकी स्थिति सामान्य है, जबकि 13 महिलाएं प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती हैं।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रसव के मामलों में अनावश्यक रेफरल से बचा जाए और सभी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में ही बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही महिला अस्पताल में एंबुलेंस और 108 सेवा हर समय उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।
