नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले को छात्रों के हित में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए सत्ता या पद नहीं, बल्कि देश और युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है।

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए देश, हमारे युवा और छात्र किसी भी पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सोच और जिम्मेदारी का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शाह ने भरोसा दिलाया कि NEET पेपर लीक मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सफल छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के काम की जमकर तारीफ
अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इसके अलावा पीएम श्री स्कूलों का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, स्किल डेवलपमेंट और उद्योगों के साथ शिक्षा संस्थानों के बेहतर तालमेल जैसे कई ऐतिहासिक सुधार किए गए।
शाह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का योगदान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है और शिक्षा क्षेत्र में उनके कार्यों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के… https://t.co/p12wLKGUkm
— Amit Shah (@AmitShah) July 25, 2026
सुवेंदु अधिकारी बोले- ‘देश ने एक दूरदर्शी शिक्षा मंत्री खोया’
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर लिखा कि “आज धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनकर मेरा दिल भारी है।”
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई बार कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं, लेकिन शिक्षा सुधारों में धर्मेंद्र प्रधान का योगदान आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के जरिए उन्होंने ऐसे शिक्षा मॉडल की नींव रखी, जो बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों को आधुनिक कौशल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करता है। उनका विजन केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि भारत के युवाओं को आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर सक्षम बनाना था।
NEET पेपर लीक विवाद के बाद दिया इस्तीफा
देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर चल रहे आंदोलन का फायदा कोई “देश-विरोधी ताकत” न उठा सके। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाती रहेगी।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर भाजपा इसे नैतिक जिम्मेदारी और छात्रों के हित में लिया गया फैसला बता रही है, वहीं विपक्ष सरकार को परीक्षा प्रणाली में हुई कथित लापरवाही के लिए घेर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने की संभावना है।
