देहरादून:
वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा के दो प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देश पर उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इससे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से सात वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। वह संबंधित प्रश्नपत्र तैयार करने वाली टीम का हिस्सा थे।

जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए
विश्वविद्यालय को ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय के प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत मिली थी। मामले की जांच में प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया।
दो सेमेस्टर परीक्षाएं करनी पड़ीं रद्द
पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय को दो विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। इस घटना से बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई और विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
एनएसयूआई करेगा प्रदर्शन
पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द किए जाने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। संगठन विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करेगा।
एनएसयूआई का कहना है कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों की मेहनत, समय और भविष्य प्रभावित हो रहा है। संगठन ने विश्वविद्यालय से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की है।
