देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग एवं संपर्क सड़कें बाधित हो गई हैं। बदरीनाथ हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले सड़क मार्ग की जानकारी लेने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर वाहन पर गिरा भारी बोल्डर

कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सतपुली मल्ली के पास एक सब्जी से लदे वाहन पर अचानक पहाड़ी से भारी बोल्डर गिर गया। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि चालक सहित वाहन में सवार तीनों लोग समय रहते वाहन से बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। वहीं देवप्रयाग मार्ग पर डिग्री कॉलेज गदेरे के पास एक बार फिर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। दुधारखाल मार्ग पर भी मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई, जिसे खोलने के लिए जेसीबी मशीनों से सफाई कार्य जारी है।

भूस्खलन से बंद हुआ बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग

रुद्रप्रयाग जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को खांकरा और सिरोहबगड़ के बीच पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी है। हालांकि लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।

यमुनोत्री हाईवे पर तीसरे दिन भी चुनौती

उत्तरकाशी जिले में स्याना चट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी पूरी तरह सुचारु नहीं हो सका। निर्माण एजेंसी की मशीनें रातभर मार्ग खोलने में जुटी रहीं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है।

एनएच के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित स्थान को छोड़ते हुए करीब 350 मीटर लंबे बाईपास मार्ग के निर्माण पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं जिला अधिकारी प्रशांत आर्य ने भी प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।

कर्णप्रयाग और चमोली में भी बारिश का असर

लगातार बारिश का असर कर्णप्रयाग और चमोली जिले में भी देखने को मिल रहा है। कर्णप्रयाग क्षेत्र में 50 से 60 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें सुबह के समय बंद रहीं, जिससे जनजीवन और बाजार गतिविधियां प्रभावित हुईं। वहीं अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

नारायणबगड़ में सिमली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग धंसने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। बाद में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मलबा हटाकर और सड़क की मरम्मत कर यातायात बहाल कराया। थराली क्षेत्र में भी कई ग्रामीण सड़कें अब भी बंद हैं।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम और सड़क मार्ग की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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