हरिद्वार। हरकी पैड़ी और शिवसेतु क्षेत्र में वर्षों तक श्रद्धालुओं के बीच “भंडारा करा दो बाबूजी” की आवाज से पहचान बनाने वाले रमाशंकर गुप्ता, जिन्हें लोग ‘भंडारा किंग’ के नाम से जानते थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर से हरिद्वार में शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से उनकी मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को सीसीआर (कंट्रोल रूम) के पास रमाशंकर गुप्ता का शव मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और उन्हें जानने वालों में शोक व्याप्त हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृत्यु के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
हरकी पैड़ी की पहचान बन चुके थे ‘भंडारा किंग’
रमाशंकर गुप्ता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के निवासी थे। कई वर्ष पहले वे हरिद्वार आकर बस गए और यहीं अपनी आजीविका शुरू की। हरकी पैड़ी और शिवसेतु क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं से वह “भंडारा करा दो बाबूजी” कहकर भोजन दान कराने का आग्रह करते थे। उनकी यही अनोखी शैली समय के साथ उनकी पहचान बन गई।
भंडारा कराने से चलती थी आजीविका
बताया जाता है कि रमाशंकर आसपास के भोजनालयों से समन्वय कर श्रद्धालुओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए भंडारा कराते थे। इस व्यवस्था के बदले उन्हें कमीशन मिलता था, जिससे उनकी आजीविका चलती थी। वर्षों तक इसी कार्य के कारण वे हरिद्वार आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया पर भी चर्चित रहे।
सोशल मीडिया पर भी थी अलग पहचान
रमाशंकर गुप्ता के वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किए जाते थे। उनकी आवाज और अंदाज ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई थी। हरिद्वार आने वाले कई श्रद्धालु उन्हें देखकर सहज ही पहचान लेते थे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आधिकारिक पुष्टि के बाद ही उनकी मृत्यु के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। उनके निधन की खबर से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरा दुख है।
