रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक निजी विद्यालय के बीच शैक्षणिक सत्र में बंद होने की आशंका को लेकर अभिभावकों में चिंता और नाराजगी देखने को मिली। विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्कूल बंद किए जाने की संभावना जताए जाने के बाद अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शहर की एक कॉलोनी में संचालित कक्षा पांच तक के निजी विद्यालय में अभिभावकों की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि जिस भवन में स्कूल संचालित हो रहा है, वह बिक चुका है और भवन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। नई जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यालय का संचालन जारी रखना मुश्किल हो सकता है।

इस सूचना के बाद अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई। उनका कहना है कि विद्यालय कुछ समय पहले ही दूसरे स्थान से वर्तमान भवन में स्थानांतरित हुआ था। ऐसे में दोबारा स्कूल बदलना छोटे बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। अभिभावकों ने यह भी कहा कि शैक्षणिक सत्र के बीच दूसरे निजी विद्यालयों में प्रवेश लेना आसान नहीं है और इसके लिए दोबारा प्रवेश शुल्क सहित अन्य फीस का आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ेगा।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को स्कूल बंद किए जाने संबंधी सूचना भेजी गई है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और विद्यालय प्रबंधन तथा भवन स्वामी से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया। अभिभावकों ने मांग की है कि कम से कम मौजूदा शैक्षणिक सत्र पूरा होने तक विद्यालय का संचालन जारी रखा जाए, ताकि लगभग 50 से 60 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विभाग को विद्यालय की ओर से स्कूल बंद करने संबंधी कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी निजी विद्यालय को मनमानी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा, “मामला संज्ञान में आया है, लेकिन विभाग को स्कूल की ओर से ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। निजी स्कूलों को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। कोई भी स्कूल शैक्षणिक सत्र पूरा होने से पहले बंद नहीं होने दिया जाएगा।”
