पंतनगर: पंतनगर में चल रहे किसान मेले में रविवार को बड़ी संख्या में मेलार्थियों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। मेले में उमड़ी भीड़ और वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण पंतनगर और आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे में लंबा जाम लग गया। मुख्य मार्गों के साथ पंतनगर परिसर की आंतरिक सड़कों पर भी वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं।

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स्थिति यह रही कि कई वाहन चालक ढाई से तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। जाम के कारण स्थानीय लोगों के साथ मेले में आने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

नगला से गोकुल नगर तक वाहनों की कतार

रविवार को सुबह से ही किसान मेले में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी थी। जैसे-जैसे मेलार्थियों की संख्या बढ़ी, सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ता गया।

नगला से गोकुल नगर, फूलबाग से टांडा मोड़ और पंतनगर परिसर के विभिन्न मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके अलावा श्मशान घाट मार्ग पर भी यातायात प्रभावित रहा।

कई स्थानों पर वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ते दिखाई दिए। जाम की स्थिति लंबे समय तक बनी रहने से वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कई गुना अधिक समय लगा।

ढाई घंटे तक जाम में फंसे कांग्रेस नेता

जवाहर नगर निवासी कांग्रेस नेता डॉ. गणेश उपाध्याय ने बताया कि वह भी जाम में फंस गए। उनके अनुसार, नगला से गोलगेट के बीच उन्हें करीब ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि सड़क पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया, जिससे यातायात सामान्य होने में काफी समय लगा।

रविवार और वीआईपी मूवमेंट से बढ़ा दबाव

रविवार होने के कारण किसान मेले में आम दिनों की तुलना में अधिक संख्या में लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में निजी वाहनों के मेले की ओर आने से प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, वीआईपी मूवमेंट के कारण भी कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। मेले में आने वाले वाहनों के साथ सामान्य आवागमन का दबाव भी बना रहने से जाम की स्थिति और गंभीर हो गई।

पंतनगर परिसर के अंदर भी यातायात प्रभावित

जाम का असर केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहा। पंतनगर परिसर के अंदर भी कई मार्गों पर वाहन फंसे रहे। मेले में आने वाले लोगों के वाहनों की संख्या बढ़ने से पार्किंग और प्रवेश-निकास व्यवस्था पर भी दबाव दिखाई दिया।

फूलबाग, टांडा मोड़ और गोलगेट की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहन चालकों को काफी देर तक जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन आसपास के मार्गों पर भी वाहनों का दबाव होने के कारण उन्हें खास राहत नहीं मिल सकी।

मेले में भीड़ बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती

किसान मेले में रविवार को उमड़ी भीड़ ने पंतनगर की यातायात व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी। बड़ी संख्या में बाहरी और स्थानीय वाहनों की आवाजाही के बीच पार्किंग और यातायात नियंत्रण को लेकर दबाव बढ़ता गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले के प्रमुख दिनों में यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था और रूट डायवर्जन जैसी योजनाओं पर पहले से काम किया जाए तो जाम की समस्या को कम किया जा सकता है।

रविवार को लगे इस जाम ने एक बार फिर बड़े आयोजनों के दौरान पंतनगर में यातायात प्रबंधन, पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, मेले में उमड़ी भीड़ से आयोजन को लेकर लोगों की बड़ी भागीदारी भी देखने को मिली।

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