पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (ई-सेल) की ओर से स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के आंतरिक चरण का आयोजन किया गया। 26 और 27 सितंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की 62 टीमों के कुल 372 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रत्येक टीम में छह विद्यार्थी शामिल रहे।
कुलपति डॉ. एसके कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित और नवाचारपूर्ण समाधान विकसित करने का मंच उपलब्ध कराना रहा। हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी टीमों ने निर्धारित समस्या विवरणों पर काम करते हुए अपने-अपने समाधान तैयार किए।

नवाचार और तकनीकी दक्षता का हुआ प्रदर्शन
आंतरिक चरण में विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, समस्या-समाधान क्षमता और टीमवर्क का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। टीमों ने सीमित समय में अपने विचारों को तकनीकी समाधान का स्वरूप दिया और तैयार प्रोटोटाइप एवं समाधान मूल्यांकन पैनल के समक्ष प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने यह दिखाने का प्रयास किया कि किस तरह तकनीक और नवाचार के माध्यम से रोजमर्रा की वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित किए जा सकते हैं। प्रतिभागियों के लिए यह अनुभव कक्षा में हासिल ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का भी महत्वपूर्ण अवसर रहा।
विचारों को समाधान में बदलने का मिला अनुभव
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के आंतरिक चरण ने विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें एक विचार को व्यवहारिक तकनीकी समाधान में बदलने की प्रक्रिया से भी परिचित कराया। टीम के रूप में काम करने, समय-सीमा में समाधान तैयार करने और विशेषज्ञों के सामने अपने नवाचार को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों को मिला।
कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय में सह निदेशक, सेवायोजना एवं परामर्श निदेशालय, डॉ. गीता पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय में इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों के बीच नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ उन्हें तकनीकी क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
