देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए करीब 1.73 लाख फॉर्म-7 प्राप्त हुए हैं। इनमें 95 हजार से ज्यादा मतदाताओं को ‘अपात्र’ चिह्नित किया गया है। हालांकि, इसे अभी अंतिम रूप से 95 हजार नाम कटने के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 28 सितंबर तक जारी है। अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
सुनवाई में शामिल नहीं होने वालों पर हुई कार्रवाई
निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई थीं, उन्हें नोटिस देकर सुनवाई और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया। जिन मामलों में संबंधित मतदाता या उसके परिवार की ओर से कोई व्यक्ति सुनवाई में शामिल नहीं हुआ या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, उनमें संबंधित ERO/AERO स्तर पर मतदाता को ‘अपात्र’ चिह्नित किया गया।
इसके बाद सिस्टम के माध्यम से फॉर्म-7 जनरेट हुआ, जिसके जरिए संबंधित नाम को मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया में शामिल किया गया।
करीब 20 हजार आपत्तियां फर्जी मिलीं
SIR के दौरान प्राप्त करीब 1.73 लाख फॉर्म-7 में लगभग 20 हजार आपत्तियां फर्जी पाए जाने के बाद खारिज की गई हैं। वहीं, करीब 95 हजार मामलों में नोटिस के बावजूद सुनवाई में कोई उपस्थित नहीं हुआ या अपेक्षित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
निर्वाचन विभाग अब दावे और आपत्तियों के अंतिम निस्तारण की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इसलिए अंतिम आंकड़ा 3 अक्टूबर को मतदाता सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गलती से नाम हट गया तो क्या होगा?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद जिन पात्र लोगों का नाम सूची में नहीं होगा, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। निर्वाचन विभाग ऐसे लोगों के लिए विशेष अभियान चलाने की बात भी कह चुका है।
यानी फिलहाल 95 हजार मतदाताओं के मामले में अंतिम स्थिति 3 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली सूची के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
करीब सवा लाख नए मतदाताओं ने किया आवेदन
SIR की निर्धारित अवधि के दौरान प्रदेश में नए मतदाता बनने के लिए करीब सवा लाख फॉर्म-6 भी प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के साथ निर्धारित घोषणा पत्र और संबंधित जानकारी भी दी गई है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, तय समय सीमा में प्राप्त पात्र आवेदनों को अंतिम मतदाता सूची की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद वे अपना नाम जरूर जांच लें।
28 सितंबर तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण
SIR की मौजूदा प्रक्रिया में अब 28 सितंबर तक का समय बचा है। इसके बाद निर्वाचन विभाग अंतिम प्रक्रिया पूरी करेगा और 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
इसके बाद यह तस्वीर साफ होगी कि कितने नाम वास्तव में मतदाता सूची से हटे और कितने मामलों में दावे या आपत्तियों के आधार पर नाम बरकरार रखा गया।
जिलों में ‘सुपर चेकिंग’ भी जारी
SIR की प्रक्रिया की निगरानी के लिए निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न जिलों में स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों की टीमें फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से जुड़े मामलों की जांच और समीक्षा कर रही हैं।
निर्वाचन विभाग का फोकस अंतिम सूची जारी होने से पहले रिकॉर्ड की जांच, लंबित मामलों के निस्तारण और प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को दूर करने पर है।
अंतिम सूची के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल SIR के तहत सामने आए 95 हजार से ज्यादा ‘अपात्र’ मामलों को लेकर चर्चा तेज है। लेकिन निर्वाचन विभाग के मुताबिक, अंतिम स्थिति 28 सितंबर तक दावे-आपत्तियों के निस्तारण और उसके बाद 3 अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची से ही स्पष्ट होगी।
