उधमसिंह नगर, उत्तराखंड: जिले से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और अवैध ह्यूमन ट्रैफिकिंग का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टांडा बादली निवासी दो भाइयों, जाबिर और नादिर, पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

काशीपुर के मोहल्ला अल्ली खां निवासी मंसूर आलम ने आरोप लगाया कि जाबिर और नादिर लंबे समय से विदेश में नौकरी दिलाने का दावा कर रहे थे। उन्होंने मंसूर के भाई मुशीर आलम को दुबई में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और इसके लिए पीड़ित परिवार ने यूपीआई के माध्यम से लगभग दो लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।
19 जुलाई 2025 को मुशीर आलम दुबई के लिए रवाना हुआ, लेकिन वहां जाकर पता चला कि उसे वर्क परमिट पर नहीं, बल्कि टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है। विरोध करने पर नादिर ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
वापस बुलाने के लिए मांगे गए अतिरिक्त पैसे
पीड़ित परिवार के अनुसार, जब मंसूर आलम ने जाबिर और नादिर से संपर्क किया, तो आरोपियों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और कहा कि अगर मुशीर को वापस भारत बुलाना है तो अतिरिक्त 50 हजार रुपये देने होंगे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मंसूर आलम ने दुबई स्थित भारतीय दूतावास और भारतीय विदेश मंत्रालय से सहायता मांगी। कई प्रयासों के बाद परिवार ने खुद टिकट की व्यवस्था कर मुशीर को भारत वापस बुलाया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि टूरिस्ट वीजा पर भेजे जाने और समय पर न लौट पाने की वजह से मुशीर का पासपोर्ट ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जिससे भविष्य में उसकी विदेश यात्रा और रोजगार की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
मामले में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने जाबिर और नादिर के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं और आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम 2025 की धारा 10 और 24 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की जांच एसआई देवेंद्र सिंह सामंत को सौंपी गई है और इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
