सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार मिश्रा रविवार को पत्नी के साथ प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा जागनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से रुद्राभिषेक पूजन किया। मंदिर परिसर में पहुंचने पर मुख्य पुजारी कैलाशानंद महाराज ने उनका रुद्राक्ष की माला और भगवा शाल भेंट कर स्वागत किया।

जागेश्वर धाम पहुंचने के बाद न्यायमूर्ति ने ज्योतिर्लिंग जागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

रुद्राभिषेक के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार मिश्रा ने जागेश्वर मंदिर समूह के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी दर्शन किए। उन्होंने हनुमान मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, माता पुष्टि देवी मंदिर और केदारनाथ मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

पूजन की धार्मिक विधियां आचार्य निर्मल भट्ट, अभय गौड़, पंडित कमल भट्ट और आचार्य ललित भट्ट सहित अन्य पुरोहितों ने संपन्न कराईं। मंदिर में दर्शन और पूजा के दौरान न्यायमूर्ति ने मंदिर परिसर की धार्मिक परंपराओं और यहां की आध्यात्मिक मान्यताओं की जानकारी भी ली।

मंदिर समूह की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता की दी जानकारी

मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यवाहक प्रबंधक ज्योति नपच्याल और एसडीएम सौम्या गर्ब्याल ने न्यायमूर्ति को जागेश्वर धाम मंदिर समूह की ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्ता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मंदिर समूह से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व से भी अवगत कराया।

जागेश्वर धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां स्थित प्राचीन मंदिर समूह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। न्यायमूर्ति के दौरे के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।

पूजन और दर्शन के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार मिश्रा ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उनका जागेश्वर धाम आगमन धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।

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