रुद्रपुर: उत्तराखंड रोडवेज बस में फर्जी पहचान पत्र दिखाकर निशुल्क यात्रा करने का मामला सामने आया है। खटीमा से रुद्रपुर आ रहे एक यात्री ने खुद को परिवहन विभाग का कर्मचारी बताकर बस में मुफ्त यात्रा करने की कोशिश की। पहचान पत्र पर संदेह होने के बाद परिचालक ने अधिकारियों को सूचना दी। जांच में पहचान पत्र फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मामला 26 सितंबर का है। रुद्रपुर डिपो की बस संख्या UK-06 PA-1726 खटीमा से रुद्रपुर की ओर आ रही थी। बस में ड्यूटी पर तैनात परिचालक कौशल कुमार के पास एक यात्री ने खुद को उत्तराखंड परिवहन विभाग का कर्मचारी बताते हुए पहचान पत्र दिखाया। पहचान पत्र पर नाम त्रिलोक दत्त पुत्र नारायण दत्त और सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय, ऊधमसिंह नगर का पता दर्ज था।

पहचान पत्र देखकर परिचालक को हुआ शक
परिचालक को पहचान पत्र की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ। यात्री से पूछताछ करने पर उसने खुद को अलग-अलग स्थानों पर परिवहन विभाग में कार्यरत बताया। उसके बयानों में लगातार बदलाव होने पर परिचालक का शक और गहरा गया।
इसके बाद मामले की सूचना रुद्रपुर डिपो के अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलने पर सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन मिश्रा ने बगवाड़ा मंडी के पास बस को रुकवाया और यात्री से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान यात्री ने खुद को पिथौरागढ़ आरटीओ कार्यालय में कार्यरत बताया, लेकिन वह अपने पद और विभाग से जुड़ी जानकारी को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
एआरटीओ कार्यालय से कराया गया पहचान पत्र का सत्यापन
मामला संदिग्ध लगने पर परिवहन निगम के अधिकारियों ने पहचान पत्र का सत्यापन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, रुद्रपुर कार्यालय से कराया।
सत्यापन के बाद एआरटीओ कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि संबंधित पहचान पत्र परिवहन विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है। साथ ही विभागीय रिकॉर्ड में त्रिलोक दत्त नाम का कोई कर्मचारी कार्यरत नहीं पाया गया।
इसके बाद अधिकारियों ने यात्री की तलाशी ली।
तलाशी में मिले 14 अलग-अलग पहचान पत्र
तलाशी के दौरान संदिग्ध के पास से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के साथ-साथ केंद्रीय सैनिक बोर्ड के कुल 14 पहचान पत्र बरामद किए गए। इसके अलावा उसके पास से शस्त्र लाइसेंस की एक प्रति भी मिली।
इतनी संख्या में अलग-अलग विभागों के पहचान पत्र मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये पहचान पत्र कहां से तैयार कराए गए और इनका इस्तेमाल किन-किन स्थानों पर किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
मामले में परिवहन निगम की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएसआई खुशवंत सिंह के अनुसार, बरामद किए गए सभी पहचान पत्रों की सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका है या नहीं।
फिलहाल पुलिस बरामद दस्तावेजों और शस्त्र लाइसेंस की प्रति की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

