
मेले का उद्देश्य स्थानीय विक्रेताओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। यहां दीपक, देवी-देवताओं की मूर्तियां, सजावटी सामान, हस्तनिर्मित उत्पाद, कपड़े और खानपान से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री के लिए 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्टॉल के लिए पंजीकरण शुरू
नगर निगम ने मेले में स्टॉल लगाने के इच्छुक स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। विक्रेताओं को स्टॉल के लिए कोई किराया नहीं देना होगा। नगर निगम के अनुसार, स्टॉल का आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक विक्रेता पंजीकरण कराकर मेले में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं।
आयोजन में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाएंगे। यह मेला धनतेरस तक आयोजित होगा, जिससे स्थानीय विक्रेताओं को त्योहार के दौरान अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर
मेयर विकास शर्मा ने कहा कि मेले के माध्यम से प्रधानमंत्री के स्वदेशी संदेश को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, स्ट्रीट वेंडरों को ऐसा बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास है, जहां वे सम्मान के साथ अपना कारोबार कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
नगर आयुक्त शिप्रा जोशी ने बताया कि मेले की तैयारियां की जा रही हैं। गांधी पार्क में साफ-सफाई और स्टॉल लगाने के लिए स्थान चिह्नित करने का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टॉल का आवंटन पंजीकरण और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

