नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित ‘कमांडर-इन-थीफ’ टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मामले की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही, राहुल गांधी की याचिका पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने की। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पक्ष रखा।
बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
राहुल गांधी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने की उनकी मांग खारिज कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और चार सप्ताह में जवाब देने को कहा। पीठ ने निर्देश दिया कि इस दौरान ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
2019 की टिप्पणी से जुड़ा है मामला
यह मामला वर्ष 2019 में राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कथित तौर पर ‘कमांडर-इन-थीफ’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने से संबंधित है। इस टिप्पणी को लेकर एमएच श्रीश्रीमल ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका का विरोध किया था। उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी का सदस्य होने के नाते वह भी अपनी पार्टी के नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत हुए हैं।
हाई कोर्ट ने खारिज की थी राहुल गांधी की दलील
बॉम्बे हाई कोर्ट में जस्टिस एनआर बोरकर की एकल पीठ ने राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा जारी समन को रद्द करने की मांग की गई थी।
राहुल गांधी की ओर से दलील दी गई थी कि शिकायतकर्ता को इस मामले में पीड़ित पक्ष नहीं माना जा सकता, क्योंकि कथित टिप्पणी किसी व्यक्ति के संदर्भ में थी, न कि पूरी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
हाई कोर्ट ने अपने 2021 के अंतरिम आदेश को छह सप्ताह तक जारी रखने की अनुमति दी थी, ताकि राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का समय मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिलहाल ट्रायल पर रोक
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही फिलहाल रुकी रहेगी। अब मामले में आगे की प्रक्रिया संबंधित पक्ष के जवाब और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर निर्भर करेगी।

