देहरादून: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल का असर देहरादून जिले में भी देखने को मिल सकता है। जिले में सरकारी बैंकों की कुल 440 शाखाओं में से करीब 290 शाखाओं के बंद रहने, जबकि करीब 150 शाखाओं के खुले रहने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में बैंक से जुड़े जरूरी काम कराने वाले ग्राहकों को पहले से अपनी प्लानिंग करनी होगी।

 

हड़ताल से पहले बैंकिंग कार्य निपटाने के लिए शुक्रवार को देहरादून शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकों में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में ग्राहक नकदी निकासी, चेक जमा और क्लीयरेंस, खाते से जुड़े काम समेत अन्य जरूरी बैंकिंग सेवाओं के लिए शाखाओं में पहुंचे।

रविवार को खुले रहेंगे सरकारी बैंक

बैंक हड़ताल से पहले ग्राहकों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 27 सितंबर, रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) को सामान्य रूप से खोलने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, RBI ने 27 सितंबर को बैंक शाखाओं, कार्यालयों, ATM से जुड़ी शाखाओं और Currency Chests को पूरी तरह चालू रखने की मंजूरी दी है।

इसका मकसद यह है कि 26 सितंबर की सप्ताहांत छुट्टी और 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के बीच ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का एक अतिरिक्त मौका मिल सके।

हालांकि यह व्यवस्था सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए है। निजी बैंकों की शाखाएं इसी आदेश के तहत अनिवार्य रूप से खुलेंगी, ऐसा नहीं कहा गया है।

देहरादून में कितनी शाखाएं रहेंगी बंद?

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार देहरादून जिले में सरकारी बैंकों की कुल 440 शाखाएं हैं। इनमें करीब 290 शाखाएं हड़ताल के दौरान बंद रहने की संभावना है, जबकि करीब 150 शाखाएं खुली रह सकती हैं। यानी लगभग 34 फीसदी शाखाओं के खुले रहने से ग्राहकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि शाखा स्तर पर उपलब्ध सेवाएं बैंक और स्थानीय व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी जरूरी काम के लिए ग्राहक अपनी संबंधित बैंक शाखा से पहले जानकारी ले सकते हैं।

वेतन और पेंशन भुगतान पर क्या असर पड़ेगा?

देहरादून के लीड बैंक मैनेजर संजय भाटिया के हवाले से स्थानीय रिपोर्ट में बताया गया है कि वेतन और पेंशन से संबंधित जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। ट्रेजरी से होने वाले भुगतान को समय पर जारी रखने की व्यवस्था की गई है।

इसका मतलब है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े नियमित भुगतान को लेकर अलग से व्यवस्था की गई है। हालांकि किसी विशेष खाते या भुगतान की स्थिति जानने के लिए संबंधित बैंक या विभाग से जानकारी लेना उचित रहेगा।

कौन-कौन सी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं?

हड़ताल के दौरान ब्रांच में जाकर होने वाली सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। इनमें शामिल हैं—

  • नकद जमा और निकासी
  • चेक जमा और चेक भुगतान
  • चेक क्लीयरेंस
  • डिमांड ड्राफ्ट से जुड़े काम
  • नए खाते से संबंधित कार्य
  • KYC अपडेट
  • पासबुक प्रिंटिंग
  • लोन से जुड़े काउंटर कार्य
  • लॉकर सुविधा
  • काउंटर पर होने वाले अन्य बैंकिंग काम

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार देहरादून में इन सेवाओं पर हड़ताल के दौरान असर पड़ सकता है।

चेक क्लीयरेंस पर पड़ सकता है असर

हड़ताल के दौरान सबसे महत्वपूर्ण प्रभावों में से एक चेक क्लीयरेंस पर पड़ सकता है। यदि चेक से जुड़ी प्रक्रिया में बैंक कर्मचारियों की आवश्यकता है, तो हड़ताल के कारण क्लीयरेंस में देरी हो सकती है।

ऐसे में जिन लोगों को किसी निश्चित तारीख तक चेक का भुगतान या क्लीयरेंस चाहिए, उन्हें पहले से अपनी बैंकिंग व्यवस्था कर लेना बेहतर होगा।

डिजिटल बैंकिंग से मिल सकती है राहत

बैंक शाखाओं की सेवाएं प्रभावित होने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का संचालन जारी रहने की संभावना है। सरकार ने भी ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जहां ये उपलब्ध हों।

यानी ग्राहक रोजमर्रा के कई डिजिटल लेनदेन घर बैठे कर सकते हैं। हालांकि ATM में नकदी की उपलब्धता और किसी डिजिटल सेवा की स्थिति बैंक तथा स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।

लगातार पांच दिन बैंकिंग सेवाओं पर असर की स्थिति

इस हड़ताल को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इसके आसपास सप्ताहांत की छुट्टियां भी हैं। 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल है।

हालांकि 27 सितंबर को सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और RRBs को खोलने की व्यवस्था की है। इसलिए इसे सभी बैंक शाखाओं के लगातार पांच दिन बंद रहने के रूप में सीधे नहीं देखा जाना चाहिए।

आखिर बैंक कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल?

UFBU और उससे जुड़े संगठनों की प्रमुख मांगों में बैंकों में पांच दिन की कार्य व्यवस्था लागू करना शामिल है। केंद्र सरकार के अनुसार, यूनियनों की एक अन्य प्रमुख मांग Performance Linked Incentive (PLI) योजना को वापस लेने की थी और सरकार ने PLI को फिलहाल स्थगित कर दिया है। सरकार के मुताबिक इसके बावजूद पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है।

सरकार के अनुसार, यूनियनों ने 11 सितंबर को भी एक दिन की हड़ताल की थी। इसके अलावा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव भी बताया गया है।

30 सितंबर क्यों है महत्वपूर्ण?

28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल का समय बैंकिंग व्यवस्था के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 सितंबर को बैंकों का अर्धवार्षिक वित्तीय समापन होता है।

वित्त मंत्रालय ने बताया है कि 30 सितंबर की तारीख बैंकिंग व्यवस्था में reconciliation, provisioning तथा treasury और market operations जैसे कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में हड़ताल होने से बैंकिंग गतिविधियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

जिन ग्राहकों को बैंक शाखा जाकर जरूरी काम करना है, उन्हें संभव हो तो काम पहले ही पूरा कर लेना चाहिए। खासकर—

चेक जमा करना, नकदी की जरूरत, KYC अपडेट, पासबुक प्रिंटिंग, लोन से जुड़े दस्तावेज, खाते से संबंधित जरूरी काम और अन्य काउंटर सेवाओं के लिए ग्राहकों को हड़ताल से पहले अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर लेना चाहिए।

वित्त मंत्रालय की ओर से भी ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग लेनदेन पहले पूरा करने और जरूरत के अनुसार इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

देहरादून के ग्राहकों के लिए बड़ी बात

27 सितंबर रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे। 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान देहरादून की करीब 290 सरकारी बैंक शाखाओं पर असर पड़ सकता है, जबकि करीब 150 शाखाएं खुली रहने की जानकारी सामने आई है। इसलिए जिन ग्राहकों का काम शाखा जाकर ही होना है, वे 27 सितंबर या हड़ताल से पहले बैंकिंग काम निपटाने की कोशिश करें।

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