नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। इस कार्रवाई में घायल हुए 19 वर्षीय छात्र की दाईं आंख की रोशनी जाने का खतरा बताया जा रहा है। छात्र का इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में जारी है, जहां डॉक्टर उसकी आंख बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। वहीं, इसी घटना में घायल एक अन्य प्रदर्शनकारी शेख इरशाद की लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सर्जरी की गई है।
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घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पैलेट गन से फायरिंग करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें अफवाह और भ्रामक बताया है।
19 वर्षीय छात्र की आंख पर गंभीर चोट
घायल छात्र की पहचान नजफगढ़ निवासी 19 वर्षीय साहिल के रूप में हुई है, जो स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग का अंतिम वर्ष का छात्र है। परिवार का आरोप है कि संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में उसकी दाईं आंख में छर्रे जैसी वस्तु लगी, जिससे आंख की पुतली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
साहिल को पहले लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बाद में एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी आंख की रोशनी बचाने का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
साहिल की मां ज्योति का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि बेटे की दाईं आंख की रोशनी लौटने की संभावना बेहद कम है। उनका आरोप है कि आंख में पैलेट जैसा छर्रा लगा था, जिससे यह गंभीर चोट हुई। हालांकि, इस दावे की अब तक किसी आधिकारिक जांच या मेडिकल रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस में भर्ती का देख रहा था सपना
परिजनों के मुताबिक साहिल का सपना दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल बनने का था। वह कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ग्रुप-बी और ग्रुप-सी परीक्षाओं में शामिल हो चुका था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

बताया गया कि वह शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन में रुचि रखता था और पिछले दो दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल हो रहा था। संसद मार्च के दिन भी वह प्रदर्शन स्थल पर मौजूद था, जहां यह हादसा हुआ।
दूसरे प्रदर्शनकारी की भी हुई सर्जरी
इसी घटना में घायल शेख इरशाद का इलाज लेडी हार्डिंग मेडिकल College एवं अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मंगलवार शाम उनकी सर्जरी की गई।
मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी इरशाद वर्तमान में गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। जानकारी के अनुसार, वह पासपोर्ट और वीजा संबंधी कार्य से झंडेवालान पहुंचे थे और बाद में प्रदर्शन में शामिल हो गए।
इरशाद और उनके साथियों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके चेहरे, गर्दन और शरीर पर 20 से अधिक स्थानों पर छर्रे जैसी चोटें आईं। उनका कहना है कि आंख और चेहरे पर गंभीर चोट लगने के कारण डॉक्टरों को सर्जरी करनी पड़ी। हालांकि अस्पताल ने केवल सर्जरी और इलाज की पुष्टि की है, जबकि चोटों के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
पैलेट गन के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का जवाब
पूरे मामले में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारी और उनके परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी आधिकारिक बयान में इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाए जाने की खबरें पूरी तरह झूठी, भ्रामक और तथ्यहीन हैं। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा न करने और केवल आधिकारिक स्रोतों से तथ्य सत्यापित करने की अपील की है। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों और उनके परिजनों के आरोपों तथा दिल्ली पुलिस के आधिकारिक दावों के बीच मामला विवादित बना हुआ है। चोटों के वास्तविक कारणों और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की पुष्टि किसी आधिकारिक जांच या चिकित्सकीय रिपोर्ट से नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
