नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ आयोजित हुई, जिसमें एनडीए के सभी सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री ने NEET पेपर लीक, किसानों के हित और संसद की कार्यवाही सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

pm narendra modi first statement on neet paper leak at NDA meet after massive Delhi protests-NEET पेपर लीक पर पहली बार बोले PM Modi, कहा- दोषियों के लिए कड़ी सजा चाहते थे |

बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय इसका स्थायी समाधान निकालना जरूरी है। रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों की सलाह लेकर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने राज्यों से भी परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों पर सख्त कदम उठाने का आग्रह किया।

रिजिजू ने बताया कि एनडीए संसदीय दल की बैठक सकारात्मक और सार्थक रही। प्रधानमंत्री ने सांसदों को संसद के भीतर और बाहर जनहित से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी के साथ काम करने का संदेश दिया। बैठक के दौरान हाल ही में राज्यसभा पहुंचे नए सांसदों, जिनमें नितिन नवीन भी शामिल हैं, का स्वागत किया गया।

बैठक में प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का भी उल्लेख किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी व्यापार समझौते में किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हर FTA में किसानों की सुरक्षा और देश के आर्थिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

गौरतलब है कि NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक को लेकर विपक्ष और विभिन्न छात्र संगठनों का विरोध लगातार जारी है। इसी मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी विपक्ष सरकार को घेर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह बयान सरकार के रुख को स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है।

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *