अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रानीखेत तहसील के ऐना गांव में शुक्रवार रात 20 वर्षीय अग्निवीर अभ्यर्थी सागर सिंह बिष्ट की कथित तौर पर घर में घुसकर धारदार हथियार और हथौड़े से हत्या कर दी गई। हमले में बीच-बचाव करने आई उनकी दादी और बुआ भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला।

मोबाइल ठीक कराने के बहाने घर पहुंचा आरोपी
पुलिस और परिजनों के अनुसार, सागर सिंह बिष्ट रोज की तरह अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ लगाकर घर लौटे थे। इसी दौरान आरोपी जगत सिंह बोरा कथित तौर पर मोबाइल फोन ठीक कराने के बहाने उनके घर पहुंचा। आरोप है कि जैसे ही सागर मोबाइल देखने लगे, आरोपी ने पीछे से चाकू और हथौड़े से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में सागर गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, उनके गले पर धारदार हथियार से वार किया गया था और शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले।
बचाने पहुंचीं दादी और बुआ भी गंभीर घायल
चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचीं सागर की 60 वर्षीय दादी साबुली देवी (शोभा देवी) और 50 वर्षीय बुआ जानकी देवी पर भी आरोपी ने हमला कर दिया। दोनों को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दादी को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी रेफर किया गया, जबकि जानकी देवी का उपचार रानीखेत के अस्पताल में जारी है।
आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन
घटना के बाद शनिवार सुबह ऐना, सिमोली, तुस्यारी और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग को लेकर अस्पताल से रानीखेत कोतवाली तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) भावना कैंथोला, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह और तहसीलदार दीपिका आर्या सहित कई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों द्वारा समझाइश के बाद करीब पांच घंटे चली वार्ता के उपरांत प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम सिमोली गांव के श्मशान घाट पर सागर का अंतिम संस्कार किया गया।
मेरठ से गांव आया था सागर
परिजनों के अनुसार, सागर सिंह बिष्ट का परिवार मेरठ में रहता है। उनके पिता चंदन सिंह निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि छोटा भाई वहीं पढ़ाई कर रहा है। सागर लगभग 15 दिन पहले गांव आए थे और आगामी अग्निवीर भर्ती की तैयारी में जुटे हुए थे। परिवार का कहना है कि उनका सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना था।
निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और त्वरित न्याय की मांग की है। कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
