हैदराबाद सिटी साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस 3.0’ के तहत देशभर में व्यापक अभियान चलाया। इस ऑपरेशन में 13 राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें 554 ‘घोस्ट सिम’ कार्ड बरामद किए गए और 66 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

सिटी पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और पंजाब में की गई।
जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह आम लोगों के आधार कार्ड और बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर अवैध सिम कार्ड जारी करता था। बाद में ये सिम साइबर अपराधियों को बेचे जाते थे और उनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, हनीट्रैप, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अपराधों में किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सिम लेने आए ग्राहकों के फिंगरप्रिंट कई बार लेकर उसी डेटा से अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट कर देते थे। ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में कैंप लगाकर गरीब और अनपढ़ लोगों से दस्तावेज जुटाए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को ई-सिम में बदलकर विदेशों में बैठे अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था।
इन ई-सिम के जरिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट बनाए जाते थे। अपराधी डेटिंग ऐप्स और मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाते और करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी 76 साइबर मामलों में शामिल थे और करीब 101.87 करोड़ रुपये की ठगी में संलिप्त थे।
सिटी पुलिस ने बताया कि टेलीकॉम कंपनियों के साथ बैठक कर कड़ी केवाईसी प्रक्रिया, रियल-टाइम वेरिफिकेशन और सिम एजेंटों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले सिम तुरंत बंद किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले एजेंट ब्लैकलिस्ट किए जाएंगे।
