देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के प्रतिष्ठित अधिकारी भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया। 91 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूरी देहरादून स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

भुवन चंद्र खंडूरी लगभग एक महीने से हृदय संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में इलाजरत थे। डॉक्टरों की निगरानी के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने की। दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर देहरादून के बसंत विहार स्थित आवास लाया जाएगा, जहां जनता और समर्थक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
सेना से राजनीति तक एक प्रेरणादायक यात्रा
भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेना में उत्कृष्ट सेवा के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और करीब 30 वर्षों तक सक्रिय राजनीति में योगदान दिया। वे उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
खंडूरी जी को उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और ईमानदारी के लिए जाना जाता था। उनके कार्यकाल में उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (2000-2004) के रूप में उन्होंने देश की ऐतिहासिक स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) परियोजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “श्री खंडूरी जी ने भारतीय सेना से लेकर सार्वजनिक जीवन तक राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।” मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति की कामना की।
