Pushkar Singh Dhami चंपावत जिले के दौरे से लौटने के बाद शुक्रवार शाम अपने गृह क्षेत्र Khatima पहुंचे। यहां रामलीला मैदान में आयोजित होली मिलन समारोह में उन्होंने सहभागिता की। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे और पूरे मैदान में उत्सव का माहौल नजर आया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को होली की बधाई देते हुए पारंपरिक कुमाऊंनी होली, शास्त्रीय होली और थारू जनजाति की होली गायन परंपरा में भाग लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को जीवंत बना दिया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं, युवाओं और बच्चों के साथ फूलों की होली खेलकर खुशियां साझा कीं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनका घर है और यहां की जनता उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला त्योहार है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने खटीमा को सर्वधर्म समभाव की धरती बताते हुए कहा कि यहां सभी समुदाय मिलजुलकर त्योहार मनाते हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का भी उल्लेख किया। इससे पहले मुख्यमंत्री चंपावत के लोहाघाट में एक दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां से लौटकर वे खटीमा पहुंचे।
