देहरादून। उत्तराखंड में दोहरी पेंशन के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सरकारी पेंशन के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन ले रहे पेंशनर्स का व्यापक सत्यापन कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

महालेखाकार (लेखा परीक्षा) की जांच में खुलासा हुआ कि 1300 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने विभाग से पेंशन लेने के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का भी लाभ उठा रहे हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव और वित्त सचिव से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था।
जांच के बाद समाज कल्याण विभाग ने प्रदेशभर में सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें 1377 पेंशनर्स ऐसे पाए गए जो दो-दो पेंशन का लाभ ले रहे थे। यानी वे विभागीय सेवानिवृत्ति पेंशन के साथ वृद्धावस्था या विधवा पेंशन भी प्राप्त कर रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों की पुनरावृत्ति रोकने और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
