आगरा: देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है। रविवार को आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत की तेज़ी से हो रही प्रगति से परेशान विदेशी ताकतें आधुनिक तकनीक और विदेशी फंडिंग के जरिए समाज में भ्रम, विद्वेष और अस्थिरता फैलाने की साजिश कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और उच्च शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे युवाओं को सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचाने की जिम्मेदारी निभाएं और उन्हें राष्ट्रहित की सोच के साथ आगे बढ़ाएं।
‘सोशल मीडिया की हर जानकारी सच नहीं होती’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा स्मार्टफोन, यूट्यूब और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कई बार बिना सत्यापन वाली सामग्री को सच मान लिया जाता है, जिससे भ्रम और सामाजिक अस्थिरता की स्थिति पैदा होती है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को तथ्यों की जांच करना सिखाएं और सही व गलत जानकारी में अंतर समझाएं। उनका कहना था कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी प्रमाणिक नहीं होती, इसलिए छात्रों को पुस्तकों, शोध सामग्री और पुस्तकालयों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

AI और आधुनिक तकनीक अपनाने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग भविष्य की जरूरत हैं। भारत इन तकनीकों से दूरी बनाकर आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप आधुनिक पाठ्यक्रम, ड्यूल डिग्री कार्यक्रम और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग शुरू की है, जिसका लाभ विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को भी मिलना चाहिए।
‘शिक्षण को बनाना होगा अधिक रोचक’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समय के साथ शिक्षा की पद्धति में भी बदलाव जरूरी है। यदि कक्षाओं को अधिक रोचक, व्यवहारिक और तकनीक आधारित बनाया जाएगा तो छात्रों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और वे कक्षाओं से जुड़ाव महसूस करेंगे।

‘विश्वविद्यालय बनें शोध और राष्ट्र निर्माण के केंद्र’
मुख्यमंत्री ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नवाचार और राष्ट्र निर्माण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसे संस्थान के रूप में विकसित करना होगा, जहां शोध, नवाचार और राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा मिले तथा युवा समाज और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।

NEET आंदोलन के बीच आया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन जारी है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उसके बाद की घटनाओं के बीच शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार बहस चल रही है। ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं को सही दिशा देने और भ्रामक प्रचार से बचाने पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति आशु रानी, केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, सांसद राजकुमार चाहर सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
