समस्तीपुर। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध की सड़क पर एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। वीडियो सामने आने के करीब छह घंटे के भीतर पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया निगरानी के दौरान यह वीडियो सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने वीडियो का तकनीकी सत्यापन कराया। जांच में घटनास्थल की पहचान जगतसिंहपुर बांध के पास सड़क के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में घटना करीब एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में जगतसिंहपुर गांव निवासी विकास कुमार, राहुल कुमार और रामबाबू सहनी के अलावा बिजौलिया गांव निवासी अवधेश पासवान को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक वीडियो में तीन-चार युवक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
BNS, POCSO और IT Act के तहत केस
पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथमदृष्टया नाबालिग प्रतीत हो रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता की पहचान स्थापित होने का इंतजार किए बिना पुलिस पदाधिकारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की।
कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या 117/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), POCSO Act और IT Act की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
छह घंटे के भीतर हुई गिरफ्तारी
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू की। अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पीड़िता की पहचान का प्रयास जारी
पुलिस अब वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। इसके साथ ही वीडियो के स्रोत और इसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वीडियो शेयर नहीं करने की अपील
समस्तीपुर पुलिस ने लोगों से वायरल वीडियो को आगे शेयर नहीं करने की अपील की है। साइबर डीएसपी दुर्गेश दीपक ने कहा कि किसी भी ऐसी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचना चाहिए, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो या उसे मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंचे।
पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री की निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री का प्रसार कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
