काशीपुर/रुद्रपुर। राज्य कर विभाग की संयुक्त आयुक्त टीम ने राजस्व हानि करने वाले व्यापारियों, फर्जी आईटीसी का प्रयोग करने और नॉन रिटर्न फाइलर व्यापारियों के खिलाफ शुक्रवार को कार्रवाई की। इस अभियान का नेतृत्व संयुक्त आयुक्त काशीपुर और उपायुक्त रुद्रपुर ने किया।

जांच में महुआखेड़ा गंज स्थित लिथियम बैट्री परिशोधन फर्म का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि फर्म ने दिल्ली की बोगस फर्मों से माल खरीदकर आईटीसी का गलत दावा किया। जांच के दौरान फर्म ने बोगस आईटीसी के खिलाफ 50 लाख रुपये जमा कराए। इसके अलावा, भूरारानी रोड रुद्रपुर स्थित ऑटो पार्ट्स निर्माता फर्म ने आंशिक रूप से आईटीसी का समायोजन किया और 13.5 लाख रुपये जीएसटी राजकोष में जमा कराए।
टीम ने बताया कि विभाग ऐसे संविदा व्यापारियों की भी निगरानी कर रहा है, जो सरकारी विभाग और अन्य संस्थानों से भुगतान प्राप्त करने के बावजूद जीएसटी जमा नहीं करते। इसी क्रम में चैती गांव, उज्जैन की संविदा फर्म ने मई और जून 2025 की जीएसटी रिटर्न जमा कर 87.59 लाख रुपये और 1.57 करोड़ रुपये जीएसटी राजकोष में जमा कराए।
कुल मिलाकर टीम ने निरीक्षण के दौरान 2.21 करोड़ रुपये जीएसटी राजस्व वसूल किया। टीम में उपायुक्त मोहम्मद इसहाक खान, ज्ञान चंद्र, विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त मोहम्मद जीशान मलिक, मोहम्मद यासिर और राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
