नई दिल्ली। बेहद तेज डिलीवरी के वादों को लेकर केंद्र सरकार ने क्विक कॉमर्स सेक्टर पर सख्त रुख अपनाया है। सरकार का कहना है कि 10 मिनट में सामान पहुंचाने जैसे दावे गिग वर्कर्स पर अनावश्यक दबाव डालते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से ब्लिंकिट, जेप्टो, जोमेटो और स्विगी सहित सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ऐसे विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस संबंध में केंद्र सरकार के अधिकारियों ने क्विक कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की, जिसमें कंपनियों ने सरकार की चिंताओं को जायज बताया। ब्लिंकिट ने आश्वासन दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म से 10 मिनट डिलीवरी से जुड़े सभी प्रचार हटाएगा। अन्य कंपनियों से भी इसी तरह की कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने क्विक कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठक कर डिलीवरी समय-सीमा पर पुनर्विचार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य गिग वर्कर्स की सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

तेज डिलीवरी का मुद्दा संसद में भी उठ चुका है। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने शीतकालीन सत्र में कहा था कि सुविधा के नाम पर गिग वर्कर्स की जान को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने तेज डिलीवरी की मानवीय कीमत पर गंभीरता से विचार करने की मांग की थी।

गिग वर्कर्स की जमीनी हकीकत को समझने के लिए श्रम मंत्री मांडविया ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे खुद ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट की वर्दी में नजर आए। उन्होंने लिखा कि नीतिगत चर्चाओं से आगे बढ़कर वास्तविक परिस्थितियों को समझना जरूरी है।

बताया जा रहा है कि नए साल से पहले गिग वर्कर्स के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर देशभर में चर्चा तेज हुई थी। इसके बाद सरकार और कंपनियों के बीच सहमति बनी कि गिग वर्कर्स का पंजीकरण सरकारी पोर्टल पर अनिवार्य किया जाएगा और इस प्रक्रिया में कंपनियां सहयोग करेंगी।

गिग वर्कर्स के लिए नई व्यवस्था:

  • पंजीकरण के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा।

  • न्यूनतम आयु 16 वर्ष निर्धारित की गई है।

  • रजिस्ट्रेशन के बाद यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी होगा।

  • प्रत्येक वर्कर को डिजिटल पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा।

  • जानकारी अपडेट न करने पर लाभ प्रभावित हो सकता है।

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से क्विक कॉमर्स सेक्टर में संतुलन बनेगा और गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलेगी।

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